Sunday, October 19, 2008

दो बाध शावकों को मिली चिम्पेन्जी माँ का साया

 

chimp और बाघ पशुशावक

 

chimp और बाघ शावक

 

chimp और बाघ

 

 

न जाने क्य़ूं मानव अपने आप को हमेशा सर्वेश्रेष्ठ समझने की भूल मे रहता है । विशव मे अनेक धर्म और सभ्यातायें पशुओं का इसतेमाल अपने लाभ के लिये करते रहे । ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जहाँ पशुओं ने इन्सानों की जान अपने को दाँव पर लगा के बचायी । बहुत से लोग सोचते हैं कि पशुओं मे दया और प्यार की भावना का अभाव रहता है लेकिन इन पशुओं के कार्य बताते है कि इनमे भी उसी प्रेम और दया मौजूद रहती है , भले ही उसको वह महसूस नही कर पाते हों ।

अब इस नन्हें से चिम्पाजी का उदाहरण लें जिसने दो नन्हे बाध शावक को जिनको उनकी माँ ने अपने से दूर कर दिया था उनको न सिर्फ़ अपनाया बल्कि उसका अच्छी तरह से लालन –पालन भी किया ।

देखें पूरी रिपोर्ट यहाँ और यहाँ 

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Sunday, August 24, 2008

एक पिता का पत्र अपने तीन साल के पुत्र के लिये ।

 


 


कुछ माह पूर्व zenhabits.net पर एक पिता का भाव-पूर्ण पत्र अपने तीन सालाना पुत्र के लिये छपा था।  नीचे इस पत्र का हिन्दी  अनुवाद करने का प्रयास किया है।

कुछ माह पूर्व www.zenhabits.net पर एक पिता का भावपूर्ण पत्र अपने तीन साल के पुत्र के लिये छपा था । लियो बाबूटा ( Leo Babuta ) का आभारी रहूगाँ जिनकी अनुमति से इस पत्र का हिन्दी अनुवाद रखने का प्रयास किया  है ।


प्रिय सेठ,

अभी सिर्फ़ तुम तीन साल के ही हो और मै समझता हूँ कि जिदंगी के इस मुकाम पर जहाँ तुम पढ और समझ भी नही सकते हो , यह बातें तुम्हें अभी समझ मे नही आयेगीं । लेकिन मैने अपनी जीवन मे जो सीखा है उसे तुम्हें बताना और साझा करना जरुरी समझता हूँ । तुम्हारा जीवन आने वाले सालों मे  उतार चढाव के परीक्षण के लिये तैयार हो सके , ऐसी मेरी इच्छा है ।

जीवन के इस राह मे कई तरह के उतार चढाव आयेगें , दु:ख , दर्द , अकेलेपन का एहसास , जुदाई का गम , संघर्ष की विषम राह ; मै दिल से चाहूगाँ कि तुम इन उतार चढाव के लिये तैयार रहो । जीवन एक अदभुध मंच है इसलिये हर हाल मे  तुमको इस अमूल्य जीवन के लिये आभारी होना पडॆगा ।


जीवन बहुत क्रूर भी हो सकता है


ऐसे लोग भी जीवन मे मिलेगें जो तुम से चिढेगें , तुमसे नफ़रत करेगें और यहाँ तक चोट तक पहुँचा सकते हैं । ऐसे लोगॊ के साथ अधिक कुछ भी नही किया जा सकता बस इतना ही कि उनसे दूर रहने के उपाय तुमको स्वयं ही खोजने होगें और साथ ही मे ऐसे मित्रॊं का भी चुनाव भी  करना पडेगा जो तुमसे निस्वार्थ वास्ता रखें , और ऐसे मित्र जब तुम्हें मिल जायें तब उनको तुम उनसे गले लगाना और दिल से प्रेम करना ।

जीवन मे ऐसे भी पल आयेगें जहा सफ़लता की जगह निराशा हाथ लगेगी । जीवन हमेशा हमारे हिसाब से नही चलता , यह तुमको सीखना पडेगा । अपने सपनों को सच करने के लिये उन असफ़लताओं को स्वीकारना पडेगा और जीवन के उन नकारत्मक क्षण को सकरात्मक क्षणॊं मे बदलना पडेगा ।

यह भी हो सकता है कि तुम जिनसे प्यार करते हो वह तुम्हारा दिल तोडकर चले जाये , मै बिल्कुल नही चाहता कि ऐसा हो लेकिन अगर ऐसा होता है तो अपने को वक्त के हाल पर छोड कर निशिचित हो जाना । जीवन मे आने वाले हर दर्द जिदंगी को बेहतर बनाने की एक सीढी है , यह तुमको समझना ही पडेगा ।

लेकिन चाहे जो कुछ भी हो जितनी भी तकलीफ़ें रास्ते मे आयें अपने दृष्टिकोण जीवन के प्रति सहज रखना । कभी भी जीवन से भागना और मुँह मोडना नही बल्कि नये लोग और नये अनुभवों से अपने को जोडते चलना ।

यह हो सकता कि तुम्हारा दिल दस बार टूटे लेकिन संभव है कि ११ र्वें बार शायद मिलने वाली तुम्हारी मित्र  तुम्हारे जीवन को उजाला कर दे । अगर तुम प्यार को अपने जीवन से दूर रख दोगे तो शायद इस खुशगवार लम्हों को भी खो दोगे । 

ऐसा भी हो सकता है कि तुम्हारे कई मित्र तुम्हें धोखा दें लेकिन कई चोटॊं के बाद यह संभव है कि तुम्हें वह सच्चा मित्र मिल जाये जो निस्वार्थ तुमसे संबध रखे ।

यह हमेशा याद रखना कि असफ़लता सफ़लता की प्रथम सीढी है । हो सकता कि तुम कई बार विफ़ल हो लेकिन अगर  उन विफ़लताओं पर तुम रुक गये तब तुम उन ऊँचाइयों को छूने से हमेशा वंचित रह जाओगे ।

जीवन प्रतियोगिता नहीं है

तुम्हारे जीवन मे हो सकता है कि ऐसे कई लोग मिलें जो तुमसे आगे निकलने की कोशिश करें , ऐसे लोग स्कूल , कालेज और काम करने के दौरान भी मिल सकते हैं ; उनके पास बढिया महँगी गाडियाँ होगी , बडे घर होगें और एक से एक महँगे सामान होगें । हाँ , उनके लिये जीवन एक प्रतियोगिता है । लेकिन इस रहस्य को हमेशा याद रखना कि जीवन प्रतियोगिता नहीं बल्कि एक यात्रा है । अगर यह यात्रा दूसरों को प्रभावित करने के लिये कर रहे हो तो समझ लो कि तु्म सिर्फ़ समय को बरबाद कर रहे हो । इसलिये इस यात्रा को खुशियों की यात्रा बनाओ और  लगातार सीखने का प्रयत्न करो । इससे कुछ भी अन्तर नही पडता कि तुम्हारे पास बडी –२ गाडियाँ और  बडॆ घर है या नही , शायद यह एक दिन आ भी जायें लेकिन यह तुम्हें असल खुशी नही दे सकते ; यह तुम्हें सिर्फ़ क्षणिक सन्तुष्टि दे सकते हैं । एक बात और याद रखना कि जिस काम या रोजगार को तुम बोझ सनझो उसको लेकर जीवन बरबाद न करो ।

सिर्फ़ प्यार ही प्रथामिकता हो 

एक शब्द के सहारे अगर तुम  पूरा जीवन  आंनदमय होकर निकाल सकते हो तो वह शब्द प्यार है । मै समझता हूँ कि यह तुम्हें अजीब सा लगेगा लेकिन मुझ पर विशवास रखो इससे बेहतर फ़लसफ़ा जिदंगी का कुछ और नही हो सकता । हाँ , कुछ लोग कामयाबी को ही जिदंगी का मत्र मानते हैं , शायद वह कामयाब रहते भी हों लेकिन पास जा कर देखो कि उनकी जिदंगी कितनी तनावपूर्ण और चिंताग्रस्त रहती है । कुछ ऐसे भी हैं जो हमेशा लालच मे रहते हैं -अपनी आवशयकताओं को दूसरे को देख कर बढाते रहते हैं ; ऐसे लोग अकेलेपन की जिंदगी जीते हैं और दु:खी रहते हैं ।

अपना जीवन प्यार के सहारे जियो ; अपनी  पत्नी , बच्चों , मात -पिता और मित्रों से प्रेम करॊ । उनको वह सब प्यार  दो जिनकी उनको आवशयकता है । अपना ह्रदय उनके लिये खोल दो । प्रेम सिर्फ़ परिचितों से नही बल्कि अपरिचितों और अपने विद्रोहियों से भी करो । जिससे भी मिलो उसको एक मीठी मुस्कान , चन्द मीठे शब्दों से स्वागत करो । जो शख्स तुमसे सबसे अधिक बैर रखता हो उससे भी प्रेम से मिलो शायद सबसे अधिक इसी शख्स को तुम्हारी आवशयकता है ।

तुम्हारी इस अदबुध यात्रा मे मै हर समय तुम्हारे साथ हूँ ।

प्यार ,

तुम्हारा

पापा

Thursday, August 21, 2008

विषम परिस्थितियों में भी राहें हैं ….. (When there’s no way out there’s still a way through…)

 

जब जीवन बोझ और तनाव से ग्रसित दिखे तो क्या करे , जब परिस्थितयाँ अपने अनूकूल न हो उन क्षणॊं मे कहाँ जायें । देव कैरोल ( Dave Carroll) का यह वीडियो , “Now” इन क्षणॊं को गंभीरता से तलाशता सा प्रतीत होता है । “Now” देव की एलबम "Perfect Blue" से है जिसकी प्रेरणा उन्हें इकहर्ट टौले (Eckhart Tolle) की पुस्तक "The Power of Now" से प्राप्त हुयी । शब्दों का बहुत ही खूबसूरत मंजर को देव ने  अपने संगीत और कंठ से निखारा है ।

NOW

- Dave Carroll (Socan)

When there’s no way out there’s still a way through
So don’t give up whatever you do
Surrender to moments and things as they are
From the gaps in your catch-22’s
When there’s no way out there’s still a way through

Chorus:
Cause Now’s all there is
So peaceful and still
In Now you don’t worry ‘bout what’s happened or what will
Cause Now never ends
And Now’s never been
And all of your answers are waiting for you here Now

When your world stands tough and weighin’ you down
And you’ve had enough of this merry-go-round
End your resistance to walls you won’t move
And runnin’ through old déjà vu’s
When there’s no way out there’s still a way through

Chorus

Bridge:
And when you don’t understand
How things got so far away from all you planned
And your life it feels so hard
In your fragile house of cards
Turn to your cornerstone when you’re tired and feel alone
To find your way through

Chorus

 


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

Monday, July 23, 2007

अष्टागिंक मार्ग

१. सम्यक दृष्टि ( अन्धविशवास तथा भ्रम से रहित )  ।

२. सम्यक संकल्प (उच्च तथा बुद्दियुक्त )  ।

३. सम्यक वचन ( नम्र , उन्मुक्त , सत्यनिष्ठ )  ।

४. सम्यक कर्मान्त ( शानितपूर्ण , निष्ठापूर्ण ,पवित्र )  ।

५. सम्यक आजीव ( किसी भी प्राणी को आघात या हानि न पहुँचाना )  ।

६. सम्यक व्यायाम ( आत्म-प्रशिक्षण एवं आत्मनिग्रह हेतु )  ।

७. सम्यक स्मृति ( सक्रिय सचेत मन )  ।

८. सम्यक समाधि ( जीवन की यथार्थता पर गहन ध्यान ) ।

Friday, July 20, 2007

पंचशील


१. हत्या न करने का धर्मादेश ग्रहण करो ।

२. चोरी न करने का धर्मादेश ग्रहण करो ।

३. व्यभिचार न करने का धर्मादेश ग्रहण करो ।

४. असत्य न बोलने  का धर्मादेश ग्रहण करो ।

५. मद्दपान न करने का  धर्मादेश ग्रहण करो ।

 

Thursday, July 19, 2007

बुद्ध वाणी -चार आर्य सत्य


१. दु:ख है।

२. दु:ख का कारण है ।

३. दु:ख का निदान है ।

४. वह मार्ग है , जिससे दु:ख का निदान होता है ।

Tuesday, July 17, 2007

बुद्ध वाणी



बौद्ध धर्म मेरे लिये कौतुहुल और जिज्ञासा से कम नही है , जितना मैने इसे जानने का प्रयत्न्न किया उसमे उतना ही समाता ही चला गया । जहाँ एक ओर सारे मत , धर्म और मतावलम्बी अपने-२ उपासकों या अनाम ईशवर को महाँमडित करने का प्रयत्न्न करते हैं वही यह मत मन के कोने को छूते , झकझोरते और पूर्वग्रहों से मुक्त करता प्रतीत होता है । मेरी नजर मे बुद्ध एक चिकित्सक थे , शास्ता थे ,गुरु थे और अप्रमाद योगी थे । सारी मनुष्य जाति मे बुद्ध ने जितनी संभावनाओं को जन्म दिया , किसी दूसरे मनुष्य ने  नही दिया । साधारण से दिखने वाले बुद्ध के  वचन क्रांति के उदघोष हैं और यही कारण है  बुद्ध के वचनों के साथ क्रांति की ऐसी आँधी आती है जो हमारी जड मान्यताओं को तोड जाती है और हमारे लिये छॊड जाती है हमारी शुद्द निजता , हमारा एकांत मन । मन से विदा हो जाती है सब भीड –भाड , समाज की भेड्चाल और प्रथम बार व्यक्ति जानता है  व्यक्ति होना  ।                                   

नीरव ह्र्दय

नि:स्तब्ध मन

शून्य नयन

निरभ्र गगन

सहज ध्यान